एक कहावत है ज़िन्दगी सबकुछ सिखा देती है , इस बात को तो काफी पहले समझ चूका था अब महसूस भी करने लगा हु . एक बात तो साबित हो गयी की किस्मत को बदला तो जा सकता है लेकिन लड़ा नहीं जा सकता .दोस्तों में जहा पदस्थापित हूँ , वहा एक नदी बहती हैं जिसका नाम चुरनी हैं , इसके इस किनारे पर में हूँ और उस किनारे पर बंगलादेश , . खास बात ये हैं की मछुआरे झींग मछली पकड़ने उस किनारे बंगलादेश जाते हैं और वहा के मछुआरे हिलसा और बड़ी मछलियाँ पकड़ने इस किनारे आते हैं . शायद बड़े बड़े मीटिंग्स में होने वाले शांति वार्ता से ज्यादा बड़ा कम ये मछुआरे ही करते है .
नवरात्री की विशेष शुम्कामना के साथ आपका रोहित
नवरात्री की विशेष शुम्कामना के साथ आपका रोहित