Monday, October 3, 2011

ek nayi zindagi

 एक कहावत है  ज़िन्दगी सबकुछ सिखा देती है  , इस बात को तो काफी पहले समझ चूका था  अब महसूस भी करने लगा हु  . एक बात तो साबित हो गयी की किस्मत को बदला तो जा सकता है लेकिन लड़ा नहीं जा सकता .दोस्तों में जहा पदस्थापित हूँ , वहा एक नदी बहती हैं जिसका नाम  चुरनी  हैं , इसके इस किनारे पर में हूँ  और उस किनारे पर बंगलादेश , . खास बात ये हैं की मछुआरे  झींग मछली पकड़ने  उस किनारे  बंगलादेश जाते हैं और वहा के मछुआरे  हिलसा और बड़ी मछलियाँ पकड़ने इस किनारे आते हैं . शायद  बड़े बड़े मीटिंग्स में होने वाले शांति वार्ता से  ज्यादा बड़ा कम ये मछुआरे ही करते है .
                                           नवरात्री की विशेष शुम्कामना के साथ  आपका रोहित

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