Friday, November 5, 2010

meri diwali

आज  दिवाली  की ढेर साडी शुभकामनाये सभी को . कुछ लोगो को आज निराशा होगी की सचिन ने सन्तुरी नहीं बनायीं , सभी के लिए दिवाली के मायने अलग है . में टीवी देख रहा था , जमकर खरीदारी हो रही है , सूचकांक २१००० को पर कर गया . भारत की सम्पन्नता को देखकर दुनिया  अचंभित हैं.लेकिन अब तस्वीर के दूसरी तरफ  रुख करते है  ,३७.५% भारतीय आबादी गरीबी रेखा के निचे  हैं और वो भी अज दिवाली मनाएंगे , यहाँ में अज सपष्ट कर दूं की  गरीबी रेखा के निचे रहने का मतलब  न खाने को रोटी , न पहनने को कपडा  न रहने को घर और न दिवाली में रोशन करने को  दीये . उनकी ज़िन्दगी से रोशनी  कोसो दूर है कल भी और आज भी . असी आबादी की संख्या भारत में  सरकारी आंकड़ो के अनुसार तक़रीबन ४५ करोड़ है . यानि आज ४५ करोड़ भारीयों के घरो में  अन्य दिनों की तरह आज भी  अँधेरा ही रहेगा . शुभकामनाओ के साथ ......